सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

नवंबर, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

एक बात बताओ -

 पहले तो हम लोगो की ज़िंदगी मे कितनी सारी कमिया थी , और अब दुनिया भर की सुख सुविधाएं है फिर भी हम लोग वो पुराने दिनों को  क्यों  याद करते है ?  क्योकि --- आज भी सावन वही है , वही है बारिश का पानी हम ही भूल गए हैं, कागज की कश्ती बनानी । तब कमियां थीं,पर आपसी प्रेम ,सामंजस्य लगाव था जो एक दूसरे को बांधे रखता था...आज हर कोई self centerd सा हो गया है।  कमियां संसाधनों की थीं और अन्य कुछ नहीं ।तब हमारी आकांक्षाएं भी संसाधनों के अनुरूप थीं। यदि आकांक्षा की उड़ान ऊंची भी होती थी तो भी पैर जमीन पर रहे। अब प्रत्येक वस्तु को मूल्य के अनुसार तुलना की जाती है।इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता जमीन पर पैर टिकाने की है ।जो ये कर पा रहे हैं,  वो  अब भी प्रसन्न हैं।हम सभी क ई  बातों में बहुत किस्मत वाले हैं। उस जमाने के चलन में लड़कियों का पढ़ना शादी तक ही था चाहे शादी उसके कारण हो जाएं या शादी के कारण पढ़ाई ठप हो जाए ।हम लोग इससे अलग कुछ करने को स्वतंत्र रहे। कम से कम शादी के बारे में पूछा गया।वैसे हमारा मानना है कि मां पिताजी अपने बच्चों के लिए सर्वश...

हम क्या सोचते है -

हमारा चरित्र हमारे विचारो का दर्पण है। विचारो की शक्ति महान है। मनुष्य स्वयं का निर्माता है। विचारो का मुल कर्म है। हम अच्छे बुरे इंसान अपने विचारो से बनते है। हम अपने भाग्य के रचयिता खुद है। आत्मविश्लेषण और अनुभव से हम बेहतर इंसान बन सकते है। परिस्थितिया विचारो से उत्पन्न होती है। बुरी परिस्थिति के बारे मे हम सोच सोच कर खराब परिस्थिति हम खुद निर्माण कर देते है। दृण निश्चय से हम परिस्थिति बदल सकते है।  आलसी होने के कारण हम असफल होते है। कटु विचार को निकल दे। अच्छे विचार और कर्म कभी भी बुरे परिणाम नहीं देगा। जब हम शिकायत करना बंद कर देते है तो ये विचार हमारी आदत मे बदल जाती है। आलसी विचार गरीबी का रूप ले लेती है। हम अपने विचारो को चुन सकते है।  नकारात्मक विचारो को त्यागने से संपूर्ण ब्रह्माण्ड हमारी सहायता करने लगता है।