पहले तो हम लोगो की ज़िंदगी मे कितनी सारी कमिया थी , और अब दुनिया भर की सुख सुविधाएं है फिर भी हम लोग वो पुराने दिनों को क्यों याद करते है ? क्योकि --- आज भी सावन वही है , वही है बारिश का पानी हम ही भूल गए हैं, कागज की कश्ती बनानी । तब कमियां थीं,पर आपसी प्रेम ,सामंजस्य लगाव था जो एक दूसरे को बांधे रखता था...आज हर कोई self centerd सा हो गया है। कमियां संसाधनों की थीं और अन्य कुछ नहीं ।तब हमारी आकांक्षाएं भी संसाधनों के अनुरूप थीं। यदि आकांक्षा की उड़ान ऊंची भी होती थी तो भी पैर जमीन पर रहे। अब प्रत्येक वस्तु को मूल्य के अनुसार तुलना की जाती है।इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता जमीन पर पैर टिकाने की है ।जो ये कर पा रहे हैं, वो अब भी प्रसन्न हैं।हम सभी क ई बातों में बहुत किस्मत वाले हैं। उस जमाने के चलन में लड़कियों का पढ़ना शादी तक ही था चाहे शादी उसके कारण हो जाएं या शादी के कारण पढ़ाई ठप हो जाए ।हम लोग इससे अलग कुछ करने को स्वतंत्र रहे। कम से कम शादी के बारे में पूछा गया।वैसे हमारा मानना है कि मां पिताजी अपने बच्चों के लिए सर्वश...
Hi, Here i'm writing some interesting and informative paragraph. Hindi kavita or sometimes singing songs.....