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क्यों हम याद नहीं रख पाते?

 दिमाक के कुछ नियम होते है। एक्सरसाइज दिमाक की ताकत को बराता है। इससे ऑक्सीजन लेवल बरता है। सप्ताह मे २ बार एरोबिक एक्सरसाइज ज़रूर करना चाहिए। इससे याददाश्त अधिक हो  जाती है। ये तनाव  को रोकता है। 

कोई भी २ लोगो के पास एक जैसा दिमाक नहीं होता है , यहां तक की जुड़वाँ बच्चो के भी। 

हमारी संस्कृति का  भी याददाश्त मे प्रभाव पड़ता है। 

दिमाक बहुत से काम एक साथ नहीं कर सकता है। एक के बाद एक चीज़ दिमाक समझता है। 

किसी बात को शुरुवात से ही याद रखना होगा। दोहराना ज़रूरी है। किसी घटना को याद रखने के लिए उससे सम्बन्धित बातो को विस्तार से याद रखना होग। 

टीचर अपने स्टूडेंट्स से पुरानी बाते निकलवाये तो भी याद रहेगा। 

लॉन्ग टर्म मेमोरी के लिए नई बात भी शामिल करे और दोहराये। 

सोते समय दिमाक के न्यूरॉन हरकत करते है। दोपहर मे झपकी लेना ज़रूरी है। दिमाक दोपहर को ३ बजे झपकी लेना चाहता है। कम से कम २६ मिनिट झपकी लेने से स्ट्रेस निकल जाती है और यादाश्त मजबूत होती है। 

भावनाओ का तनाव भी दिमाक पर असर देता है। इससे इम्यून सिस्टम को नुकसान पहुँचता है। अगर घर और ऑफिस या स्कूल मे दोनों जगह तनाव है तो उसका असर भी दिमाक मे पड़ता है। 

खुशबु मे याद को वापस लाने की ताकत होती है। जैसे मीटिंग के पहले कॉफ़ी पीने से वो बाते कॉफ़ी की खुशबु के साथ जुड़ जाती है ,फिर वो याद रहेगी। 

शब्दों को चित्र के साथ जल्दी याद रखा जा सकता है। चित्र याद रखने मे लाजवाब साबित होते

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