दिल की सुन…
दुनिया की परवाह को हवा में उड़ा दे,
जो करना है — बेख़ौफ़ कर जा दे।
मन की जो सुने, वही असली रंग है,
वही जीने का सबसे सुहाना ढंग है।
डर की दीवारों को थोड़ा ढहा,
खुद से ही अपना रिश्ता निभा,
ख्वाबों को दे खुला आसमां —
और दुनिया से ले पंगा… मुस्कुरा कर, ज़रा सा।
कदम छोटे हों तो क्या, हौसले बड़े रख,
रास्ते कठिन हों तो भी इरादे अड़े रख।
लोग क्या कहेंगे — ये सोच छोड़ दे,
अपने सपनों की लौ को कभी न मोड़ दे।
हर सुबह एक नई उम्मीद लेकर आए,
हर शाम तुझे तेरे करीब ले जाए।
गिर भी जाए तो फिर से संभल जाना,
अपनी ही ताकत से खुद को बना जाना।
क्योंकि जो अपने दिल की राह चुनते हैं,
वही सच में जीने का मज़ा बुनते हैं।
तो चल, खुद पर यकीन को अपना संग बना,
और दुनिया से ले पंगा… अपने रंग में रंगा। ✨
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