I found this awesome recording of "Zindagi bhar nahi bhoolegi" on #Smule: http://www.smule.com/p/1248891781_2064103290 #SingBySmule
"आजकल के डिजिटल समूहों में, जब बड़े-बुजुर्ग 'गुड मॉर्निंग' जैसे संदेश भेजते हैं, तो अक्सर उन्हें मना किया जाता है। पर क्या यह सचमुच कोई बुरी बात है? उनकी ज़िंदगी के अनुभवों, उनके विचारों को सुनने वाला उनके पास कोई नहीं होता। ऐसे में, जब वे अपनी बातें समूह में साझा करते हैं, तो इसमें हर्ज ही क्या है? यह केवल एक संदेश नहीं, बल्कि उनके अकेलेपन को दूर करने और समाज से जुड़े रहने का एक छोटा सा प्रयास होता है। हमें उनके इस प्रयास को समझना चाहिए और उन्हें अपने विचारों को व्यक्त करने का अवसर देना चाहिए, क्योंकि उनके पास ज्ञान और अनुभव का खजाना है जो अक्सर अनसुना रह जाता है।"
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें