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कोई खास नहीं

*कोई तुमसे पूछे*
*कौन हूँ मैं* ?
*तुम कह देना*
*कोई खास नहीं* ...

*एक दोस्त है*
*पक्का कच्चा सा* ,
*एक झूठ है*
*आधा सच्चा सा* ,

*जज़्बात से ढका*
*एक पर्दा है* ,
*एक बहाना*
*कोई अच्छा सा* !

*जीवन का ऐसा*
*साथी है जो* ,
*पास होकर भी*
*पास नहीं* !

*कोई तुमसे पूछे*
*कौन हूँ मैं* ?
*तुम कह देना*
*कोई खास नहीं* ...

*एक साथी जो*
*अनकही सी* ,
*कुछ बातें*
*कह जाता है* ।

*यादों में जिसका*
*धुंधला सा* ,
*एक चेहरा ही*
*रह जाता है* ।

*यूं रहता तो*
*मेरे ज़हन में है* ,
*पर नज़रों को*
*उसकी तलाश नहीं* ,



*साथ बनकर*
*जो रहता है* ,
*वो दर्द बाँटता*
*जाता है* ,

*भूलना तो चाहूँ*
*उसको पर* ,
*वो यादों में*
*छा जाता है* ।

*अकेला महसूस*
*करूँ कभी जो* ,
*सपनो में आ जाता है* ।

*मैं साथ खड़ा हूँ*
*सदा  तुम्हारे* ,
*कहकर साहस*
*दे जाता है* !

*ऐसे ही रहता है*
*साथ मेरे की* ,
*उसकी मौजूदगी का*
*आभास नहीं* !

*कोई तुमसे पूछे*
*कौन हूँ मैं* ,
*तुम कह देना*
*कोई खास नहीं* ....



      

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