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अच्छी आदतों से लक्ष्य प्राप्ति -

 समय के साथ साथ इंसान को अपनी आदते भी बदल देनी चाहिए।  रोज़ सुबह पैदल चलने की आदत अच्छी है। इससे मूड अच्छा होगा।  हमेशा एक्टिव बने रहे ,कार्य के बीच थोड़ी थोड़ी देर बाद ज़रा इधर उधर घुमा करे। ठण्ड के दिनों मे घर पर ही जॉगिंग ,एक्सरसाइज ,योग करे। कभी शांत मन से बैठ कर आत्म विश्लेषण करे।  अगर आप गाड़ी से कहीं जा रहे हो तो गाड़ी को दूर जाकर पार्क करे।  रोज़ नहाने के पहले अपने बॉडी को स्ट्रेच करे। दोस्तों के साथ घूमे ,हसीं मज़ाक करे,जिससे आपको ख़ुशी मिलेगी। अपनी सोच पॉजिटिव रखे।  आपको अपने सोचने के तरीके को बदलना होगा। समस्या पर ध्यान न देकर उसके सलूशन पर ध्यान दे।  माइंड गेम्स खेले , बड़े सपने देखे। रोज़ प्राणायाम कम या अधिक समय के लिए करे। दुनिया को खुली नज़र से देखे।  हम जो खाएंगे वही महसूस करते है। इसलिए सही चीज़े खाये। जवान,सुन्दर और चुस्त दुरुस्त  रहने के लिए ६ चीज़े अपने भोजन मे शामिल करे  - आवला , दही ,पपीता ,मूंगफली,संतरा और गाय का देसी घी।  दुखो का सामना करे। जब आपको सफलता मिली थी ,तब के बारे मे सोचे।  अपने बेकार की चीज़ो को...

एक बात बताओ -

 पहले तो हम लोगो की ज़िंदगी मे कितनी सारी कमिया थी , और अब दुनिया भर की सुख सुविधाएं है फिर भी हम लोग वो पुराने दिनों को  क्यों  याद करते है ?  क्योकि --- आज भी सावन वही है , वही है बारिश का पानी हम ही भूल गए हैं, कागज की कश्ती बनानी । तब कमियां थीं,पर आपसी प्रेम ,सामंजस्य लगाव था जो एक दूसरे को बांधे रखता था...आज हर कोई self centerd सा हो गया है।  कमियां संसाधनों की थीं और अन्य कुछ नहीं ।तब हमारी आकांक्षाएं भी संसाधनों के अनुरूप थीं। यदि आकांक्षा की उड़ान ऊंची भी होती थी तो भी पैर जमीन पर रहे। अब प्रत्येक वस्तु को मूल्य के अनुसार तुलना की जाती है।इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता जमीन पर पैर टिकाने की है ।जो ये कर पा रहे हैं,  वो  अब भी प्रसन्न हैं।हम सभी क ई  बातों में बहुत किस्मत वाले हैं। उस जमाने के चलन में लड़कियों का पढ़ना शादी तक ही था चाहे शादी उसके कारण हो जाएं या शादी के कारण पढ़ाई ठप हो जाए ।हम लोग इससे अलग कुछ करने को स्वतंत्र रहे। कम से कम शादी के बारे में पूछा गया।वैसे हमारा मानना है कि मां पिताजी अपने बच्चों के लिए सर्वश...

हम क्या सोचते है -

हमारा चरित्र हमारे विचारो का दर्पण है। विचारो की शक्ति महान है। मनुष्य स्वयं का निर्माता है। विचारो का मुल कर्म है। हम अच्छे बुरे इंसान अपने विचारो से बनते है। हम अपने भाग्य के रचयिता खुद है। आत्मविश्लेषण और अनुभव से हम बेहतर इंसान बन सकते है। परिस्थितिया विचारो से उत्पन्न होती है। बुरी परिस्थिति के बारे मे हम सोच सोच कर खराब परिस्थिति हम खुद निर्माण कर देते है। दृण निश्चय से हम परिस्थिति बदल सकते है।  आलसी होने के कारण हम असफल होते है। कटु विचार को निकल दे। अच्छे विचार और कर्म कभी भी बुरे परिणाम नहीं देगा। जब हम शिकायत करना बंद कर देते है तो ये विचार हमारी आदत मे बदल जाती है। आलसी विचार गरीबी का रूप ले लेती है। हम अपने विचारो को चुन सकते है।  नकारात्मक विचारो को त्यागने से संपूर्ण ब्रह्माण्ड हमारी सहायता करने लगता है। 

क्यों हम याद नहीं रख पाते?

 दिमाक के कुछ नियम होते है। एक्सरसाइज दिमाक की ताकत को बराता है। इससे ऑक्सीजन लेवल बरता है। सप्ताह मे २ बार एरोबिक एक्सरसाइज ज़रूर करना चाहिए। इससे याददाश्त अधिक हो  जाती है। ये तनाव  को रोकता है।  कोई भी २ लोगो के पास एक जैसा दिमाक नहीं होता है , यहां तक की जुड़वाँ बच्चो के भी।  हमारी संस्कृति का  भी याददाश्त मे प्रभाव पड़ता है।  दिमाक बहुत से काम एक साथ नहीं कर सकता है। एक के बाद एक चीज़ दिमाक समझता है।  किसी बात को शुरुवात से ही याद रखना होगा। दोहराना ज़रूरी है। किसी घटना को याद रखने के लिए उससे सम्बन्धित बातो को विस्तार से याद रखना होग।  टीचर अपने स्टूडेंट्स से पुरानी बाते निकलवाये तो भी याद रहेगा।  लॉन्ग टर्म मेमोरी के लिए नई बात भी शामिल करे और दोहराये।  सोते समय दिमाक के न्यूरॉन हरकत करते है। दोपहर मे झपकी लेना ज़रूरी है। दिमाक दोपहर को ३ बजे झपकी लेना चाहता है। कम से कम २६ मिनिट झपकी लेने से स्ट्रेस निकल जाती है और यादाश्त मजबूत होती है।  भावनाओ का तनाव भी दिमाक पर असर देता है। इससे इम्यून सिस्टम को नुकसान पहुँचता...

3 Wonderful Law of Attraction Techniques जो आपको सब कुछ दिला सकती है by...

सोच मे है भविष्य

 एक बार फिर  - कोरोना के बिगड़े हालत को देखते हुए सरकार ने एक बार फिर लॉक डाउन लगाया है।  आज की युवा पीड़ी चिंतातुर है।  प्रगति मे फिर आया रुकावट........ यही नहीं हर एक देश का बच्चा भी कुछ सोचने लग गया है।  इधर लॉक डाउन लगा नहीं की स्कूल  मे समर वेकेशन की घोषणा कर दी गई है। बच्चो को घर मे व्यस्त रखने का एक ऑनलाइन क्लास थी वो भी बंद कर दिया गया है।  आप ही बताइये ऑनलाइन क्लास मे समर वेकेशन की क्या ज़रूरत थी? देश का हर नागरिक भय,चिंता और सोचने पर मजबूर हो गया है।  आज बहुत सारे सवाल हमारे मन मस्तिष्क मे चल रहे है। हालत कब सामान्य होगी? इधर मजदूरों का अपने गांव की तरफ पलायन उनमे असुरक्षा की भावना को जन्म दे चुका है।  देश की आर्थिक व्यस्था को पटरी पर किस तरह से लाया जाये?

Happy Life

Do you know? 4 Hormones which determine a human's happiness. I implemented those and will say I am a lot happier person. There are four hormones which determine a human's happiness - 1. Endorphins, 2. Dopamine, 3. Serotonin, 4. Oxytocin. It is important we understand these hormones, as we need all four of them to stay happy. Let's look at the first hormone the Endorphins. When we exercise, the body releases Endorphins. This hormone helps the body cope with the pain of exercising. We then enjoy exercising because these Endorphins will make us happy. Laughter is another good way of generating Endorphins. We need to spend 30 minutes exercising every day, read or watch funny stuff to get our day's dose of Endorphins. The second hormone is Dopamine. In our journey of life, we accomplish many little and big tasks, it releases various levels of Dopamine. When we get appreciated for our work at the office or at home, we feel accomplished and good, that i...

Missing beloved Mastermoshai .......

Our beloved Music Teacher  Shri Amal Basak Sir (popularly known as Mastermoshai) passed just 2 months back. We arranged a Zoom Meeting on 18th Feb 2021 in his memory.  In which some of his students sang Ravindra Sangeet, Nazarul geeti and Atul prasad Songs taught by Sir,  everyone shared their valued moments spent with Mastermoshai. I am grateful to Ms. Sunanda Paul for her efforts to arrange this zoom meeting.   For many years I was his student. I saw he never took fees from anyone. Total free of cost. He was not only a very good teacher  but as well as he was good human-being. Very few know that he was also a good cook and we often had chances to relish  delicacies prepared by him. My sincere regards to the departed soul and I pray for his eternal peace.  

Facets of Indian Life and Tradition

  India is a wonderful place to live and experience the diversity in social, political and economic spheres. Whether it is the large number of Indian states, provinces and villages; or discrepancies existing in the political agendas and economic classes;or variety of clothing styles worn by women and men; or different kinds of ingredients and flavours coming together for preparing Indian food, India truly exemplifies the notion of “unity in diversity”. Topographically, India is a delightful place for tourists and photographers. One can marvel the hilly mountains, deep gorges, flat plains, mighty rivers, sandy deserts, and forests. Indian architecture and monuments mark Indian history and continues to amaze contemporary architects with its intricate detailing on walls and pillars craved in the bygone era. The diversity found in Indian languages, culture and festivals is unmatched. Given the range o...

Origin of India

    The  History of India  begins with the birth of the Indus Valley Civilization, more precisely known as Harappan Civilization. It flourished around 2,500 BC, in the western part of South Asia .  Evidence of  life  in  India  dates back to at least 2.5 billion years. The oldest definitively identified  Homo sapiens  fossils yet found in South Asia are  Balangoda man . India is home to one of the oldest civilizations in the world.    India officially  the Republic of India is a country in South Asia. It is the second-most populous country, the seventh-largest country by land area, and Christopher Columbus' unsuccessful search for a western maritime route to India resulted in the "discovery" of the Americas in 1492, but it was  Vasco da Gama  who ultimately established the India Route. According to Mahabharata the popular story states that  India  was called Bharatavarsha after the...

Our living legend-Netaji Subhash Chandra Bose

  Wow my favorite hero Netaji's Birthday on 23rd Jan Tribute to Netaji. Our greatest national Hero. Motivational and inspirational Captain of India. Such a sensible & logical man, hats off to you, I liked his perfect military dress. His widely quoted sentence was - "Tum mujhe khun do , mai tumhe aazadi dunga." If Gandhi is our father of the nation Subhash Chandra Bose is Godfather of the nation. We got independence because of our great hero Netaji Subhash Chandra Bose. Legends never die.

प्रकृति ने भी क्या अजीब खेल खेला -

 प्रकृति ने भी क्या अजीब खेल खेला - जो न देते थे जवाब उनके सलाम आने लगे... वक्त बदला तो मेरे नीम पर आम आने लगे.... यह सिर्फ कहने के लिए ही नहीं है। कोविद के समय वातावरण और पेड़ पोधो मे बदलाव देखने को मिला। मेरे बालकनी गार्डन के गमले मे आम के पौधे मे दिसंबर की कड़ाके की ठण्ड मे आम निकलते हुए देख कर आश्चर्य मे पड़ गई। प्रकृति ने भी क्या नया रूप दिखाया।  वाह

सलामत रहे दोस्ती हमारी

यूँ ही ख्यालों में डूबी थी आज कि अचानक एक संदेश आया। आँखें नम हो गईं ये जानकर कि मैंने भी कुछ अनमोल कमाया। फिक्रमंद है कोई, ये सोच कर दिल भर आया।  और इसलिए ये सब बयां करने का मैंने मन बनाया। ना खून का कोई रिश्ता, ना भाग्य का कोई बंधन। जीवन की इस राह में, फिर भी तुमसे मिला वो अपनापन।  हमउम्र नहीं थे सब, कुछ वो निश्छल स्नेह ही था कि हमारे दिल के तार तुमसे जुड़े।  जब-जब छलके आँसू, तब-तब तुम्हें अपने पास पाया।  'तुम ठीक हो' इन शब्दों ने मेरे हर गम को भुलाया। हँसते-हँसाते, नाचते-गाते, मुझे हर पल जीना सिखाते । पता नहीं ऐ दोस्तों, वक्त कब गुज़र गया तुम्हारे साथ चलते-चलते। कुछ रिश्तों में दोस्त मिले तो कुछ दोस्तों से रिश्ते बने । शुक्रगुज़ार है दिल सभी का, जो आप मेरी ज़िन्दगी का हिस्सा बने।  हर साथी से जुड़ी है, कुछ बेहद खास यादें। सलामत रहे दोस्ती हमारी, कभी न टूटे प्रेम के ये धागे।  तुम दूर हो या पास, हम हरदम साथ निभाएँगे।

नव वर्ष 2021

 इक्कीसवीं सदी का इक्कीसवां साल उम्र के इक्कीसवे की तरह जोश, उत्साह, स्फूर्ति, तन्दुरूस्ती के साथ ,जिन्दादिली का पकड़ हाथ,उड़ने लगे यही चाहत है, अपने लिए,अपनों के लिए नव वर्ष 2021 में बेहतर जीवन के लिए 21 टिप्स :  1. प्रतिदिन 10 से 30 मिनट टहलने की आदत बनायें. टहलते समय चेहरे पर मुस्कराहट रखें. 2. प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट चुप रहकर बैठें. 3. पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा पुस्तकें पढ़ें. 4. 70 साल की उम्र से अधिक आयु के बुजुर्गों और 6 साल से कम आयु के बच्चों के साथ भी कुछ समय व्यतीत करें. 5. प्रतिदिन खूब पानी पियें. 6. प्रतिदिन कम से कम तीन लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश करें. 7. गपशप पर अपनी कीमती ऊर्जा बर्बाद न करें. 8. अतीत के मुद्दों को भूल जायें, अतीत की गलतियों को अपने जीवनसाथी को याद न दिलायें. 9. एहसास कीजिये कि जीवन एक स्कूल है और आप यहां सीखने के लिये आये हैं. जो समस्याएं आप यहाँ देखते हैं, वे पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं.  10. एक राजा की तरह नाश्ता, एक राजकुमार की तरह दोपहर का भोजन और एक भिखारी की तरह रात का खाना खायें. 11. दूसरों से नफरत ...