हम मे से बहुत से लोग ऐसे है जो अतीत मे ही जीते रहते है। पुराने दिनों को वो लोग भूल नहीं पाते है और वर्तमान मे सुख शांति का अनुभव नहीं कर पाते है। भूतकाल के जीवन को ही वो सदियों तक अपने सीने से लगाए रखते है जो उचित नहीं है।
ये सही है की हमारी बीती हुई घटनाये अच्छी भी होती है उनको याद कर हमे ख़ुशी मिलती है मगर इसका मतलब ये नहीं की हमेशा अपने दुखो का रोना रोया जाये।
अतीत मे जीने वाले लोग वर्तमान मे खुश नहीं रहते है। उन्हें हमेशा अपने वालो से शिकायत होती है।
अपने जीवन से नकारात्मक बातो और घटनाओ को मिटा दे और वर्तमान को अपना ले। अपने आप को बदलते परिवेश के साथ ढाल ले। यही सफलता का मंत्र है।
अतीत इतिहास बन चूका है। वो अनुभव लेने के लिए है। भविष्य अनिश्चित है जो दिखाई नहीं देता है। वर्तमान ही जीवन है जो सामने है और दिख रहा है।
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