आज की भागमभाग ज़िन्दगी मे लोगो के पास इतना समय नहीं होता की अपने अचेतन मन की आवाज़ सुने।
अगर आप आध्यात्म से जुड़े रहेंगे,नियमित ध्यान और योग करेंगे तब आपको अपने आत्मा की आवाज़ सुनाई देगी। प्रकृति के साथ तालमेल मे रहे। हमने वो जागरूकता खो दिया है।
जो व्यक्ति जागरूक रहता है उसे अपने अचेतन मन की आवाज़ सुनाई देती है ,उसके निर्देशों का पालन करने पर कार्यो मे सफलता मिलती है।
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