जाने अनजाने इस कोविद १९ ने सारे विश्व को बहुत कुछ सीखा दिया है -
पैसा कमाने मे हमने परिवार,मित्र और समाज के प्रति कर्त्तव्य को भुला दिया था।
अपने रिश्तो को अहमियत दे। मुसीबत के समय हमारा परिवार ही काम आता है।
अपने व्यस्त जीवन मे जो कार्य हम बरसो से टाल रहे थे उनको करने का हमे वक़्त मिला। हम अपने आप को समय देने लगे।
अपने शौक को पूरा करने का हमे भरपूर समय मिला।
किसी ने क्या खूब कहा है - "बेकार आदमी कुछ किया कर, कपड़े उधेड़ कर सिया कर"
Very Good
जवाब देंहटाएं